Monday, November 23, 2015

बनारस के इस बैल के नाम से चलती है दुकान......

वाराणसी के पावन नगरी में इस बैल या इन्हे बाबा विश्वनाथ की चमत्कार कहले या इसे जो कुछ भी कहे वो कम है इसपे बाबा की बहुत कृपा है ,इसके नाम से गोदौलिया पर एक दुकान है ये जिस दुकान में बैठता है वो लोग इन्हें बहुत मानते है उन लोगो ने इसके नाम पे दुकान डालदी दुकान के उपर इनकी तस्बीर भी लगी हुई है ये दुकान खुलने पर उसके अंदर जाके बैठ जाता है आने वाले ग्राहकों को कोई नुकसान नहीं पहुचता और नाही दुकान मालिक को कोई दिक्कत होती है ये दुकान के अंदर किसी प्रकार की कोई गंदगी भी नहीं करते एसी है बाबा की ये चमत्कारी नगरी इसी लिए तो लोग इसे देव अस्थ्ली कहते है I जय भोले नाथ कृपा करें ....मनीष 

Eye Opener: जौनपुर की शामें सद्भावना पुल क्या है इसकी शाम .......

Eye Opener: जौनपुर की शामें सद्भावना पुल क्या है इसकी शाम .......: जौनपुर के सद्भावना पुल की शाम जौनपुर वासियों को बहुत लुभाती है यहा की सुन्दरता का क्या कहना यहाँ लोग शाम को घुमने व गोमती की सुंदर दृश्य क...



जौनपुर की शामें सद्भावना पुल क्या है इसकी शाम .....

जौनपुर के सद्भावना पुल की शाम जौनपुर वासियों को बहुत लुभाती है यहा की सुन्दरता का क्या कहना यहाँ लोग शाम को घुमने व गोमती की सुंदर दृश्य को देखने आते है इस पुल से आप को शाही पुल ,केरारबिर,किलामरिन,नव शिव दुर्गा मन्दिर ,आदि गोमती की सुंदर लहर ,मछुवारो को मछली पकड़ते देखने आते है पुल पर खड़े होने पे ये सुंदर नजारे देखने को मिलेगे ,यहाँ पर लगने वाले ठेलो पर शाम के समय लोग नास्ते का लुफ्त उठाते है पुल पर होने वाली रौशनी से पुल की सुन्दरता और बढ़ा देती है ,मानो जैसे जौनपुर वासियों का एक घुमने तथा टाइम पास का एक सुंदर स्थान बन गया है I मनीष

वाराणसी की कुछ बेहतरीन लजीज नास्ते हम आप को बताते है की कहा है ...........

 जब मैं जौनपुर से वाराणसी गया तो वाराणसी के क्या कहने वाराणसी को बाबा की पावन नगरी काशी के नाम से भी जाना जाता है वाराणसी को देव स्थली कहते है उसी के साथ वहा के नास्ते भी मसहुर है जब मैं वाराणसी स्टेशन उतरा तो वहा हमे लस्सी के बारे में पता चला और मैं भी उसे चखने चल दिया वहां लस्सी की बहुत सी दुकाने थी उसी में से एक धर्मराज की दुकान है उसकी लस्सी पुरे बनारस में प्रसिद्ध है जब मैं उसे चखा तो दिल को छु सी गई उसके स्वाद का क्या कहना लोगो के कतार लगे रहते है उसकी लस्सी के लिए गर्मियों में तो पूछिए ही नहीं जनाब ,जब मैं वहा से आगे बढ़ा तो मुझे मैदागिन जाना था मैदागिन में काम खत्म हो गया तब मुझे भूख लगी वहा के लोगो से जब मैंने खाने के लिए पूछा तो लोगो ने वहा की फेमस कचौड़ी के बारे में बताया लोगो ने कहा की इसी के नाम पे एक कचौड़ी गली भी है जो की इसी के नाम पर रखा गया है जब मैं उसे चखा तो जनाब क्या बताए आप को आप लोग जब भी बनारस आए तो इसको जरुर चखे और भी कुछ प्रसिद्ध नास्ते मिले खाने को उसके बारे में मैं आपने अगले ब्लॉग में लिखू गा .....मनीष

जौनपुर में दिखी कुछ पुरानी खंडहर हुई इमारत जानिए कहा है .........

जौनपुर में मैं जब घूम रहा था तब हमे एक पुरानी खंडहर हुई इमारत दिखी जो की कई सौ साल पुरानी हो चुकी है उसपे बड़े ही सुंदर न्क्कासे कटे हुवे है वे न्क्कासे ही अपने आप में केइ कहानिया कहती है इनके जो दीवारे है वो उसी समय की दिखती है उनके जो मुहारे कटे हुवे है वो बड़े ही सुंदर दीखते है ये जगह बड़े ह्नुमाजी से होकर नदी के किनारे बसे हुवे है यहा एक खुले में पुराना शिवाला भी है जो एक पेड़ के निचे बसा हुवा है वहा के लोग बताते है की ये बहुत पुरानी मूर्ति है I शिवाले की मूर्ति अगले ब्लॉग में दिखाऊ गा I..... मनीष

जौनपुर चहारसु चौराहा अशोक टाकिज सद्भावना पुल रोड पे हो रहा अतिक्रमण......

जौनपुर में सद्भावना पुल अशोक टाकिज के सामने नगरपालिका द्वारा अतिक्रमण कराया जा रहा है अतिक्रमण देख लोग परेशान हो गए लोगो ने उसे कुछ दिन टालने की मांग की लेकिन नहीं माने और जेसीबी ने अपना काम करना शुरू कर दिया लोगो ने नगरपालिका के अधिशासित अभियंता संजय शुक्ल जी से बात की तो उन्हों ने कहा की ये उपर के लोगो का आदेश है जौनपुर का रोड चौड़ा हो जाने से होने वाली जामों से निजात मिल जाए गी I

Sunday, November 22, 2015

जौनपुर की किला में ये सुंदर स्तम्भ........



जौनपुर के शाही किला में ये सुंदर स्तम्भ है इसकी सुन्दरता व उसपे बने न्क्कासे बडी ही नायब है ये किला की कहानी कहती है इसके सामने जो मीनार बना है उसकी सुन्दरता दिल को छु लेती है  इस स्तम्भ पर कुछ लिखा हुवा है यहा की हरियाली व यहा की ये सुंदर किला जौनपुर की शान बढ़ा देती है ....मनीष