जौनपुर से जियारत को गये कर्बला से ये दुर्लभ तस्बीर भेजा इसमें इमाम रज़ा अल्हे सलाम के मुबारक कदम के निशान की ये दुर्लभ तस्बीर है ये तस्बीर कर्बला की शरज्मी से भेजा गया है वहां कई करोड़ लोग जियारत को पुरे विश्व से गये हुवे है इस जन्नत में अपनी हाजरी लोग वहा पहुचे वहां की कुछ और दुर्लभ तस्बीरें आप को दिखाता रहूँगा ......कर्बला Thursday, December 3, 2015
Imame raza a.s k kadame mubarak k nishan......कर्बला
जौनपुर से जियारत को गये कर्बला से ये दुर्लभ तस्बीर भेजा इसमें इमाम रज़ा अल्हे सलाम के मुबारक कदम के निशान की ये दुर्लभ तस्बीर है ये तस्बीर कर्बला की शरज्मी से भेजा गया है वहां कई करोड़ लोग जियारत को पुरे विश्व से गये हुवे है इस जन्नत में अपनी हाजरी लोग वहा पहुचे वहां की कुछ और दुर्लभ तस्बीरें आप को दिखाता रहूँगा ......कर्बला Wednesday, December 2, 2015
कौन है ये उभरता छात्र नेता जौनपुर में ......जानिए?
नाम-विकास पण्डेय ,जिला महासचिव नौजवान छात्र संग्ठन ,शिक्षा -B.Aसेकंड इयर टी.डी कालेज जौनपुर .......;'ये नव जवान पिछले तीन साल से राजनिती कर रहा है ये नौजवान छात्र संग्ठन के लिए काम करता है ये बड़े ही कम उम्र से छात्रों के हितों की लडाई लड़ रहा है इस नौजवान के अंदर एक जज्बा है ये युवाओं के लिए एक मिसाल है ये छात्रों के लिए जिला अध्यक्ष अनुराग मिश्र प्रिंश के कंधे से कंधा मिला कर उनके हितों की लड़ाई लड़ता है विकास कई बार छात्रों के लिए धरना प्रदर्शन व जागरूकता अभियान चला चूका है एक बार इस नौजवान विकास ने कालेज में हो रही धांधली को लेकर अनुराग प्रिंश के साथ मिल कर पुरे छात्रों के साथ धरना प्रदर्शन व कुलपति का घेराव किया जहाँ यूवा छात्रों को किसी प्रकार की समस्या आती है तो ये नवजवान उनकी समस्या को अपनी समस्या समझ के उनकी आवाज बन जाता है इसने कई बार D.M को भी ज्ञापन छात्र हितों व जनसमस्याओं को लेकर दिया ये अपने जिला अध्यक्ष के साथ मिलकर लड़ाई लड़ता है नौजवान छात्र संग्ठन का विस्तार जिले व अन्य जिलों में बढ़ाने के लिए इसने अहम भूमिका निभाई है यूवाओं के हितों के लिए ये दिन रात तत्पर रहता है एसे नवजवान की जरूरत या यूं कहलें की ये उभरता नवजवान राज नेता है एसे कर्मठ व प्रयत्नशील उभरते राजनेता की जरूरत अब हमारे भारत को है ;;;;- जय हो नवजवानों की शक्ति की ----मनीष सुल्तानपुर में जमीन से कुदरत का एक अनोखा करिश्मा दिखा .....जानिए कैसे निकला ?

सुल्तानपुर कुडवार ब्लाक के सादड़ी के पास राजपुरा गांव में ये अनोखा सा दिखने वाला जीव कहे या मानव पता नहीं जब राजपुरा गांव में हैण्ड पम्प की खुदाई हो रही थी तब ये जमीन के अंदर मिला ये जीवित अवस्था में प्राप्त हुवा ये दिखने में मानव की तरह था इसके आखें ,नाक ,जीभ ,हाथ सब मानव की ही तरह थे ये सुल्तानपुर के लिए कौतुहल का विषय बन गया था इसकी जाँच वहां के डाक्टरों द्वारा किया गया सभी लोग इस अद्भुत मानव या क्या कहे कुछ पता नहीं ......मनीष जौनपुर रैपिड इन्फोकेयर के प्रबन्धक विजय यादव ने लिखी एक अनोखी कहानी....?क्या है कहानी जानिए
जौनपुर के विजय यादव ने लिखी कहानी बिरजू थका-हारा अपनी झोपड़ी में लौटा। उसका उतरा हुआ मुख देखकर उसकी पत्नी ने पूछा आज भी आपको काम नही मिला? उसने कुछ नहीं कहा। झोंपड़ी में अंधियारा छाया था।बिरजू की पत्नी ने दीपक जलाते हुए कहा, जरा-सा तेल है, पता नहीं यह दीपक भी कितनी देर जलेगा? गरीब बिरजू के दुर्दिन चल रहे थे। एक फैक्टरी में काम करते उसने अपना एक हाथ खो दिया था। अपाहिज बिरजू को अब काम के लाले पड़ गए थे। पत्नी भी उसकी उपेक्षा करने लगी थी। तभी पत्नी ने उसे थाली परोसी। दो सूखी रोटियां थाली में रखी थीं। बिरजू को लगा कि बच्चों ने शायद खाना नहीं खाया है। उसने झिझकते हुए पत्नी से पूछा, बच्चों ने खाना खा लिया?
पत्नी ने कहा, हां, एक-एक रोटी उन्हें भी दी थी, पर छोटू दूध और सब्जी के लिए रोता रहा। रोते-रोते वह सो गया है। कल के खाने के लिए तो कुछ भी नहीं है। उसका मन हुआ कि इस अभाव भरी जिंदगी से अच्छा है कि वह सपरिवार मौत को गले लगा ले। उसके नेत्र भर आए।
वह चुपचाप सूखी रोटियां निगलने लगा। तभी उसने देखा कि दीपक की लौ तेज जल रही है। वह उठा और दीपक में तेल देखने लगा। दीपक में तेल नाममात्र को था, पर दीपक तेज लौ में जल रहा था। उसने देखा कि दीपक की लौ तेज होती जा रही थी और अचानक दीपक जोरों से भभका और बुझ गया। झोपड़ी में अंधेरा छा गया।
उसने सोचा कि जब छोटा-सा दीपक अपने अस्तित्व के लिए इतना तीव्र संघर्ष कर सकता है। तेल न होने पर भी वह अपनी जलने की गति तीव्र कर देता है और अंत तक संघर्षरत होता है, तो वह हार क्यों माने? अब वह संघर्ष करेगा। मरने की बात सोचना कायरता है। बिरजू के मन में आशा और आत्मविश्वास के सैकड़ों दीप जगमगा उठे।......
Tuesday, December 1, 2015
जौनपुर की छोटी काली माँ से दूर रहते है बुरी आत्मा ....क्यू दूर रहती है और कहा है
जौनपुर की ये काली माँ की प्रतिमा बहुत ही छोटी अदभुत अनोखी है इनकी तेज से पूरा गांव बचा हुवा है गांव वाले इनको खुश करने के लिए हलुवा और पुड़ी मिठाई आदि चढाते है गांव वालो का कहना है की माँ की तेज से ही मेरा गांव बुरी आत्माओं व गलत सायों से दूर रहती है माँ ने कइ बार अपने भक्तो की रक्षा की है लोग बताते है की गांव के एक नाइ के लडके को नदी किनारे गलत आत्माओं ने परेशान करना शुरू कर दिया था जब उसके मुख से माँ काली का नाम आया तो माँ ने अपने भक्त की पुकार सुनी और रक्षा के लिए गई माँ का नाम सुनते ही वे आत्माएं उस लडके को छोड़ कर भाग गए वो अपने परिवार में वापस आ गया तब से माँ की और पूजन होने लगी गांव वाले माँ के भक्त हो गये माँ की ये मूर्ति बहुत पुरानी है ---जय माँ काली...(मेरे अगले लेख में चमत्कारी बंगाली बाबा उनसे दूर रहते है बुरी आत्मा वो साल में एक बार दर्शन देते है )....मनीष जौनपुर के सूर्य घाट का ये अति प्राचीन मन्दिर ......
ये जौनपुर के सूर्य घाट का अति प्राचीन मन्दिर है यहा बाबा राम दास ने बनवाया था यही बाबा ने अपना जीवित समाधि लिया था बाबा द्वारा निर्माण किया गया ये स्थान अति प्राचीन है इस्पे कते न्क्कासे अति सुंदर व कलाकृतियाँ अति मनमोहक है इसके अंदर आप जब प्रवेश करते है तो आप को की मुहरे दिखी गे इसे बाबा ने छह सौ साल पहले बनवाया था बाबा आपने शिष्यों के साथ यहाँ निवास करते थे ये आपने आप में ही दिव्य स्थल है .....मनीष Monday, November 30, 2015
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