Monday, November 30, 2015

जौनपुर ;-सौ के उपर हुवे बाबा जगन्नाथ दास जी महाराज

सौ के उपर हुवे बाबा जगन्नाथ दास जी महाराज ये जौनपुर के सूर्य घाट के सबसे बड़े महंत है ये अयोध्या महंत के नाम से भी जाने जाते है इनकी सेवा में कई संत महत्मा लगे रहते है ये अयोध्या के कई मठों के मठाधिष  है ये प्रयाग में एक महीने तक क्ल्ब्बास करते है इस योगी पुरुष के ‍‍‌ललाट पे बहुत तेज है ....मनीष 

Sunday, November 29, 2015

जौनपुर के नायब एतिहासिक मन्दिर सन 1786 ई. में निर्माण ....?जानिए कहा स्थापित है

जौनपुर का राज्य मन्दिर का निर्माण राजा शिवलाल दत्त प्रथम राजा जौनपुर द्वारा सन 1786 ई. में निर्माण हुवा जब इसकी इमारत जर्जर अवस्था में पहुची तो तब रियासत के इग्यारहवें राजा सन 1960 में राजा यादवेन्द्र दत्त ने इस मन्दिर का पुनः निर्माण करवाया फिर राजा अवनींद्र दत्त ने सन 2005ई. में इस राज्य मन्दिर का जीर्णोद्धार व श्रृंगारिकरण बारहवें राजा ने शिवरात्रि 2005ई. में करवाया इस मन्दिर में कइ देवी देवताओं की स्थापना हुई है राजा  बड़े ही धार्मिक प्रविती के थे उसमे एक शिवलिंग की भी स्थापना हुई थी शिवरात्रि के दिन वहां मेले लगते है इस अनमोल धरोहर को बचा के रखने की जरूरत है क्यू की ये जौनपुर के नायब इतिहास है ......मनीष 

इंदौर नहीं मिली कार तो दूल्हे ने रोकी बरात, इधर लड़की ने दूसरे से कर लिया निकाह -

इंदौर

एक लड़की की शादी देवास के लड़के से तय थी। मंगलवार को बरात आनी थी, लेकिन रात को दूल्हा दहेज में कार की मांग को लेकर अड़ गया और बरात लेकर नहीं आया। रात 12 बजे लड़की के पिता ने थाने पर शिकायत कर दी। उधर, रिश्तेदारी में ही एक परिवार को शादी के लिए तैयार किया और आधे घंटे में गम का माहौल खुशी में बदल गया। रात में ही निकाह हो गया। 

अब्दुल हफीज शाह ने बेटी तमन्ना की शादी देवास के अजीज शाह के बेटे फरीद से तय की थी। 14 सितंबर को सगाई हो गई और 6 अक्टूबर का दिन शादी का तय हुआ। ईद के बाद से फरीद कार की मांग करता रहा। पिता ने बाइक का इंतजाम कर लिया। दूल्हे ने कहा- कार नहीं मिलेगी तो बरात लेकर नहीं आऊंगा। रात 11 बजे तक लड़का देवास में ही बरात रोके बैठा रहा। बोलता रहा कि कार दो या चार लाख रुपए, वरना रिश्ता भूल जाओ। गार्डन में मेहमान आ गए, पकवान सज गए, लेकिन मायूसी छाई रही। आखिरकार रात 11.30 बजे हफीस ने खजराना थाने पर फरीद की शिकायत कर दी। 

आधे घंटे में सारी बातें पक्की हो गई

मायूसी के माहौल के बीच हफीज के छोटे भाई हनीफ शाह ने अपने ससुराल पक्ष से रमजान शाह को तैयार किया। इसके बाद रमजान ने अपने बेटे शरीफ से बात की और तमन्ना का निकाह तय हुआ। हाथोंहाथ सारी बातें पक्की हो गईं और आधे घंटे में काजी को बुलाकर निकाह पढ़वा दिया गया। शरीफ ने बताया उनकी तरफ से तमन्ना से रिश्ते की बात पहले हो गई थी, लेकिन किन्हीं कारणों से रिश्ता हो नहीं सका। वे तो पहले से इस रिश्ते के लिए तैयार थे 

कानून ऐसे लालची को सबक सिखाए 

दुल्हन तमन्ना ने कहा- दहेज के ऐसे लालची लोगों को पुलिस सबक सिखाए ताकि फिर किसी बेटी और उसके परिवार को यह जिल्लत न सहना पड़े। निकाह से मैं खुश हूं।

जौनपुर में जमइथा से लेके नदी उसपार धर्मा पुर तक हो रहा पुल का निर्माण.....

जौनपुर के जमइथा नदी से धर्म पुर जो नदी उसपार  है वहा तक पुल का निर्माण करवाया जा रहा है ये पुल पूरा होने में सालों लग जाए गा नदी ये पार होने  में काफी समस्या उतपन्न होता था बरसात में जब गोमती का पानी अपने उफान में होता है तब उसपर जाने में काफी समस्या होती थी पुल बन जाने से लोगो को अपने वहन व उसपर जाने में कोई समस्या नहीं होगी ...मनीष 

जौनपुर के बाबा परमहंस की नाभी से कैसे प्रगट हुई अग्नि ....

मनीष शुक्ल जौनपुर के जमइथा गांव में ये जो समाधि है ये बाबा परम हंस जी का है गांव वालो ने बताया की ये बाबा माँ अखंड माता के परम भक्त थे बाबा बहुत बड़े तपी और सिद्ध पुरुष थे बाबा कहा से आए ये किसी को भी नहीं पता बाबा के बारे में लोग बताते है की वो बड़े ही दिवे पुरुष थे वे माता के दरबार में रह कर उनकी सेवा व पूजन करते थे बाबा बड़े ही दयालु पुरुष थे बाबा एक बार ध्यान में थे तो उनकी नाभि से ब्रह्म अग्नि की उत्पत्ति हुई इससे बाबा का पूरा शरीर जलने लगा जब गांव वालो ने देखा तो उनपर पानी डाल के अग्नि बुझाने लगे तब बाबा ने आकाशवाड़ी की मुझपे पानी मत डालो मेरे शरीर पर ब्रह्म अग्नि का प्रगट हुवा है मुझपे हवन की लकडिया डालो हवन की जो भी सामग्री है वो मेरे उपर डालो और मेरी कृपा इस गांव पर सदा रहे गी बाबा के इतना बोलते ही वो धरती में समा गए बाबा के समाधी पे बहुत बड़ा मेला लगता है यही बाबा के तीन भक्तो का भी समाधी है वो मैं अपने अगले लेख में बताऊ गा ...मनीष 

जौनपुर में अंजुमन हुसैनिया की शब्बेदारी



 जिस घड़ी सुबहे तबस्सुम का उजाला होगा
अंजुमन हुसैनिया की शब्बेदारी में रातभर हुआ नौहा मातम हिंदू नौहेखां विक्रम चंद्र शर्मा व घनश्याम ने पेश किये दर्द भरे कलाम जौनपुर। नगर के बलुआघाट मोहल्ला स्थित मकबूल मंजिल में शनिवार की रात अंजुमन हुसैनिया की ओर से हिन्दू मुस्लिम एकता का प्रतीक कदीम ऐतिहासिक तरही आल इंडिया शब्बेदारी आयोजित की गई। इसमें बैरुनी अंजुमनों के अलावा शहर की प्रमुख अंजुमनों ने पूरी रात कर्बला के सबसे छोटे शहीद अली असगर की याद में अपने दर्द भरे कलाम पेश कर नजराने अकीदत पेश किया। फैजाबाद से आये नौहे खां विक्रम चंद्र शर्मा व लोरपुर अकबरपुर अम्बेडकरनगर से आये घनश्याम जी ने अपने दर्द भरे नौहे पढ़कर पूरे माहौल को गमगीन कर दिया। अलविदाई मजलिस के बाद गहवारे अली असगर और अलम, ताबूत निकाला गया जिसकी जियारत के लिए हजारों लोग मौजूद रहे। शब्बेदारी का आगाज तिलावते कलाम-ए-पाक से हुआ। कुमैल इलाहाबादी सहित अन्य लोगों ने अपने कलाम पेश किये। सोजख्वानी सैयद मोहम्मद निशात व उनके हमनवां ने किया। मजलिस को खेताब करते हुए नौगावां सादात से आये हुए मौलाना सैयद आबिद हुसैन ने कहा कि इमाम हुसैन के सबसे छोटे बेटे जनाब अली असगर जिनकी उम्र छह माह की थी। यजिदी फौजों ने उस वक्त कर्बला के मैदान में तीर से इमाम के हाथों में शहीद कर दिया। जब वे यजिदी फौजों से इस बच्चे के लिए दो कतरा पानी पिलाने के लिए मांग रहे थे जो तीन रोज का भूखा-प्यासा था। इस दर्दनाक वाकिये को सुनकर लोग दहाड़े मारकर रोने लगे। इसके बाद रायपुर छत्तीसगढ़ से आयी अंजुमन अकबरिया ने अपने नौहे पेश कर पूरा माहौल गमगीन कर दिया। मिसरे तरह, लब जरा और जो खोले तो कयामत आये व जिस घड़ी सुबहे तबस्सुम का उजाला होगा पर पूरी रात अंजुमन मासूमिया फैजाबाद के नौहा ख्वां विक्रम चंद्र शर्मा, सिपाहे हुसैनी मुसाफिर खाना सुल्तानपुर, मासूमिया लोरपुर अकबरपुर के नौहा ख्वां घनश्याम जी, शहीदियां अलीनगर अहले सुन्नत नौहाख्वां मुबीज व शमीम, अजंमुन हैदरी बनारस ने अपने दर्द भरे नौहे पढ़ कर कर्बला के इस कमसिन शहीद को नजराने अकीदत पेश किया। अलविदाई मजलिस पुन: मौलाना आबिद हुसैन ने पढ़ा इसके बाद शबीहे ताबूत अलम, झूला अली असगर निकाला गया। सरफराज हुसैन सरफन मिस्त्री ने सभी नौहे खां को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। शब्बेदारी का संचालन अहमद बिजनौरी व डा. शोहरत जौनपुरी ने किया। जानकारी रहबर अब्बास ने दी


Saturday, November 28, 2015

जौनपुर के इस घाट पे बुरी आत्माओं का वास है..... जानिए कहा है ?


जौनपुर का ये मानमोह लेने वाला ये नजारा दिल को छुलेने वाला है इसकी सुन्दरता का क्या कहना जब मैं इसके घाट के पास गया तो ये घाट मेरे दिल को छु सी गई यहाँ की हरी भरी नजारे दिल को शांति प्रदान करती है जब मैं इसके घाट के पास जा रहा था तब मुझे गांव वालो ने एक आश्चर्य कर देने वाला बात पता चली लोगो ने बताया की यहा भुत-प्रेत का साया है इस पानी के अंदर व उसके आस-पास कई आत्माओं का वास है मुझे तो एसा कहीं कुछ महसूस नहीं हुवा यहा के लोग बताते है की यहाँ जो भी स्नान करने आता है वो इनका सीकर हो जाता है मुझे तो वहन के प्रकृति की सुन्दरता के आगे कुछ महसूस नहीं हुवा ....मनीष