Saturday, November 28, 2015
जौनपुर को यमदग्न ऋषि की तपो भूमि कही जाती है उन्ही के पुत्र परशुराम ने क्यू अपनी माँ का सर काटा......?
ये जौनपुर की अखंड माँ है इनका असली नाम रेडुका माता है ये परशुराम की माँ है और यमदग्न ऋषि की पत्नी है इनकी कहानी बड़ी ही अद्भुत है एक बार जब यमदग्न ऋषि और उनकी पत्नी रेडुका जब अपने आश्रम पे थे तभी राजा सहस्त्र बाहू जो यमदग्न ऋषि की पत्नी के बहनोई थे एक बार जब वो युद्ध करके लौट रहा था तो वो आराम करने के लिए यमदग्न ऋषि की आश्रम में रुका रेडुका परेशान हो गई की मैं राजा को इतनी जल्दी कहा से भोजन तैयार करुगी राजा चले गये नहाने तभी रेडुका भाग कर अपने पति यमदग्न ऋषि के पास आई और बोली राजा गए है नहाने उन्हें भूख लगी है इतनी जल्दी कहा से भोजन तैयार करू तब ऋषि ने बोला की एक साफ स्थान पर गोबर लिप डालो और गौ माता को वहा खड़ा करो और उनसे प्रार्थना करो की वो हर प्रकार का भोजन तैयार करे और उनका भोजन तैयार हो गया राजा के आने तक में उनके पास भोजन परोश दिया गया राजा ने कहा की इतनी जल्दी कैसे भोजन तैयार हो गया तब रेडुका ने बताया की ये भोजन कामधेनु ने बनाया है तब राजा ने पूछा की ये कामधेनु कौन है ,उन्होंने बताया की ये गौ माता है उन्होंने ही भोजन तैयार किया है कामधेनु उन्ही का नाम है तब राजा के मन में लालच आई और उसने कहा की ये गाय तो राजमहल में होना चहिये और वो ऋषियों को मार के कामधेनु ले के चले गए जब परशुराम अपने घर आए तो अपने पिता का हाल देख परेशान हो गए और उन्होंने पूछा की आप का ये हाल किसने किया तब उन्होंने बताया की ये हाल तुम्हारी माँ के बहनोई ने किया है यमदग्न ऋषि ने परशुराम जी से बोले की तुमसे एक बचन चाहिए परशुराम को पितृ और माँ के भक्त थे यमदग्न ऋषि ने बोला की तुम अपने माँ का सर काट दो पिता का आदेश पते ही उन्होंने अपने माता का सर काट दिया ,यमदग्न ऋषि ने खुश होकर बोले मांगों पुत्र तुम्हे क्या चहिए तब परशुराम जी ने बोला की आप मेरे माता को पुनह जीवित करे तब यमदग्न ऋषि ने उन्हें पुनह जीवित कर दिया उन्ही का सर जाके जहाँ गिरा वही उनका मन्दिर बना उनको लोग कई नाम से पुकारना शुरू कर दिया कोई माँ रेडुका ,अखंड माता,अख्ड़ो माता ,अम्बे माता के नाम से लोग पूजने लगे ...मनीषFriday, November 27, 2015
जौनपुर की ये जादू वाली इमिरती .......क्या? कहाँ है ये
जौनपुर की फेमस इमिरती जो की पुरे विश्व में प्रसिद्ध है ये इमिरती बेनिसव की इमरती है बेनिसाव की इमिरती लोग सुदूर रह-रहे आपने रिश्तेदारों को भेजते है इनकी इमिरती की खासियत है है की ये एक दम नर्म होते है इनकी इमिरती देशी घी से बने होते है ये नायब इमिरती इनकी कई पुसते कईवर्षो से अनमोल धरोहर बचाए रखे हुवे है ये इमिरती मानो जैसे कोई इसमे जादू हो ये अपना कोई भी काम करवाना हो तो बस एक डिब्बा इमिरती पैक करवाए और उस अधिकारी के यहाँ भेज दीजिये देखिये चमत्कार आप का काम होना ही होना है इस इमिरती को मुहं में डालते ही घुल सी जाती है वैसे तो जौनपुर की कई जगहों की इमिरती प्रसिद्ध है आगे बताऊ गा किसकी है वो इमिरती खाने के लिए लगी रहती है लाईन......मनीष जौनपुर की किले में फिल्म होगी प्यार की जीत का ये दूसरे दिन शूटिंग के दौरान चोरी हुई ...... जानिए क्या हुवा

जौनपुर की किले में फिल्म होगी प्यार की जीत का ये दूसरे दिन की शूटिंग आज 27 की किला में हुई गाने की शूट फिल्म के प्रोडूसर राहुल कपूर ,डायरेक्टर-इस्तियाक शेख 'बंटी',म्यूजिक-अवनीश झा, स्टोरी एंड स्क्रीनप्ले -असलम शेख ,हीरो - खेसारी लाल यादव व् हिरोइन -स्वीटी आदि ये 2016 तक पूरा होगा ....रहबर अब्बास ने बताया की शूटिंग के वक्त एक लडके ने लाइट के नट बोल्ट चोरी करते पकड़ा गया उसे फिल्म मेकर ने रस्सी से बांधा बाद में उसके परिवार के लोगो के आने के बाद उसे छोड़ दिया गया फिल्म मेक्रो ने व् वहां के लोगो ने उसकी अच्छी तरह से पिटाई की बाद में छोड़ दिया ....मनीष
Thursday, November 26, 2015
जौनपुर के नगरपालिका की बिल्डिंग की कुछ अधूरी कहानी का भाग ....1
जौनपुर की ये बिल्डिंग भी एक अनोखी इतिहास कहती है ये कई वर्षों पुरानी बिल्डिंग है ये बिल्डिंग में कभी अंग्रेजो का राज हुवा करता था ये बिल्डिंग बड़ी ही अनोखी कहानी कहती है आप जब जौनपुर में घुमने निकले गे तो आप को महसूस देगा की वाकही जौनपुर इक एतिहासिक जगह है आप को किला,शाही पुल .पत्थर की मस्जिद ,अटालामस्जिद जैसे बेस कीमती इतिहास देखने को मिले गा ,यहाँ धार्मिक स्थल भी बहुत सारे देखने को मिलेगा नगरपालिका की बिल्डिंग की सुन्दरता का क्या कहना इसके न्क्कासे व इसकी इमारतें दिखने में इतनी सुंदर है की इसकी कुछ अनदेखी पहलू मै आपने अगले लेख में बताऊ गा इसके आगे की कहानी ....मनीष जौनपुर के शाही पुल की दिवार पर एक अनोखी जीव दिखी....क्या है
जौनपुर की एक खास बात ये जौनपुर की शाही पुल है कल जब मैं घाट पे था तब मुझे एक पुल की दिवार पे एक बड़ी ही अनोखी जीव दिखी जो की बड़ा ही सुंदर व अनोखी थी उसकी नक्कासी बड़ी ही अनोखी व अद्भुत थी जब वो मेरी नजर आया तब मैंने उसपे गौर किया और एक नवका के सहारे जब उसके करीब गया तब मैं आश्चर्य चकित रह गया क्या नक्कासी थी क्या उसकी वर्डन करू जब मैंने इसके बारे में जानकारी ली तो वहा के माशुम जी ने बताया की ये मछली की जो नक्कासी बनी है ये कुछ संदेश देती है उन्हों ने बताया की ये मछली उस समय में ये इशारा करती थी की इसके निचे से सिर्फ वहा के राजा ही जाए गे और कोई नहीं बाकि उनकी सेना पुल पे बने अगले गेट से जाए गे ये मछली सिर्फ राजा रानी को आने जाने के लिया बना था इसके निचे से कोई दुसर नहीं जाए गा..--कुछ और रोचक जानकारी अपने अगले लेख में ----मनीष
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